कवि
एक कवि या कवियत्री की कल्पना का साकार विवरण, लिखित रूप, है कविता
uकभी दर्द स्याही में ढाल देता है कवि, वो दर्द जो उसके दिल पर है बिता;
या तो करता है वर्णन की, वो किसिपे दिल है हारा, या किसीका दिल उसने है जीता !
मधुर वर्णन हो किसीका, या दुखभरी हो दास्तान कविके दिल की; होती है कविता में संवेदना
कहते है कलम में बहुत है ताकत, पन्ने पे स्याही बोल उठती हैं, उनमे छिपी हुई वेदना
कवि का कटाक्ष, उसकी कलम हमे सिखाती है औरोके मन को, किस तरह से भेदना
धन्य है वो कवि जो बता सके सच्ची नेक राह पर कैसे चलना; या फिर मन के भीतर झाँकना
वो सीखा देता है इतने सारे घोडोको, बिना कोई लगाम, नियंत्रण में रखते हुए कैसे हांकना
कवि तो जानता ही है बिना घूंघट उठाये, मुखडेको, नजरोसे, शब्द बाणोंसे कैसे ताकना
सही कहा है किसीने जहाँ पहुचता नहीं रवि, वहाँ, मानव-मन के भीतर, पहोचता है कवि।
Armin Dutia Motashaw