" बचपन मे बच्चा जब हमारी ऊंगली पकडकर चले ताकी भीड मे खो न जाए, और जीस दिन वो हमारी ऊंगली छोडे तो ऐसा लागे जैसे हम ही खो गये हो ।
पर बात यह भी है भाईसाहब की जब तलक बालक आपकी ऊंगली छोडेगा नही तब तलक आपके गले कैसे लगायेगा "
- Great dialogue from irrfan kham from the movie angrezi medium.