हाथ काट दो मेरे
गला काट दो मेरा
जुबान काट दो मेरी
मेरे जिस्म का अंग -अंग काट दो
छलनी करदो मेरा सीना
राख करदो मेरे जिस्म को
जेहन को मेरे कुचल दो पत्थरो से
आंखों को मेरी फोड़ दो नश्तरों से
कानो को मेरे तलवारो से काट दो !
बस मेरा दिल सही सलामत रहने दो जिसमें मेरा मेहबूब धड़कता हैं.
Anshu khan