Hindi Quote in Poem by Hiral Zala

Poem quotes are very popular on BitesApp with millions of authors writing small inspirational quotes in Hindi daily and inspiring the readers, you can start writing today and fulfill your life of becoming the quotes writer or poem writer.

यूं में कही अपने साये को खोजता हूं,
में हर दम यही सोचता हूं,
जीवन के इस तूफ़ान का ,
में कोनसा उजड़ा हुआ मकान था
क्या मुजमे भी कभी कोई जिंदा इंसान था ।

वक्त की गहराइयों में डूब कर
में हर दम यही सोचता हूं ,
हर किसी का हो के ,
तन्हा ख़ुदसे में यही पूछता हूं,
क्या मुझमें भी कभी कोई जिंदा इंसान था।

रात के अंधेरे मे दिए की रोशनी तले ,
में हर दम यही सोचता हूं ,
सपने मेरे तोड़ जिम्मेदारीयो
को कंधे पर ले चला हुं
क्या मुझमें भी कभी कोई जिंदा इंसान था

नदियों को देख ते देख ते
में हर दम यही सोचता हूं
जीवन के इस समंदर में, शांत हो के में बस
डूबा चला जा रहा हूं।
क्या मुझमें भी कभी कोई जिंदा इंसान था।

परिंदे की एक तिलमिलाहट को सुन ,
में हर दम यही सोचता हूं,
समझा कर दुनिया को थका में,
आज बस नासमझ बन बैठा हूं ,
पूछता में ख़ुद से , हर दम –हर पल क्या मुझमें भी कभी कोई जिंदा इंसान था।

Hindi Poem by Hiral Zala : 111843672
New bites

The best sellers write on Matrubharti, do you?

Start Writing Now