मैने कभी कोशिश की ही नही भुलाने कि
हाँ ! मगर ! माँगा है खुदा से बस इतना ही
जो तू भूले तो मुझे भी न याद रहे |
तेरे लिए ही तुझे अब याद रखती हूँ ,
मुझमे तेरा होना तेरे अन्दर मेरी मौजूदगी
ही तय करेगी | खुद को जताने और
बताने का क्रम अब जा रहा है धीरे -धीरे
है जो भीतर उसे बताना कैसा जो , जान
न सके उसे जताना कैसे |
जो है स्वतः जो होगा स्वतः |
है और होना दोनो ही मेरे हाथ मे नही |....