इन्सान तैयार नहीं इन्सान बनने को,
और देख रहा ख्वाब बुद्ध बनने का।
मोहमाया से परे रहे थे बुद्ध,
क्या रह पाएगा इन्सान?
जाकर गंगामे शुद्ध करे तन को,
बनना है बुद्ध तो शुद्ध करना पड़ेगा मन को।
बाहरकी शांति कामकी नहीं,
बनना है बुद्ध तो शांत चाहिए मन।
बुद्धम शरणम् गच्छामि
कहना है आसान,
चलना बुद्धके पथ पर नहीं है आसान।
#Budha