संगीत में मन ऐसा मुग्ध हो जाता हुं मैं, वर्तमान से अतीत में खो जाती हुं मैं, मुझे उस धुन में मेरी मां नजर आती है,उनके मुस्कान और स्पर्श से मैं उस अतीत में रह जाने को मन करता है।
संगीत खत्म होने के बाद फिर वर्तमान में आ जाती हुं और फिर धुंधली सी आंगन में कहीं मां का अस्तित्व खोजने लग जाती हुं।
दोस्तों संगीत जरूर सुनिए और सुनाइए।
-RACHNA ROY