Gazal,
कुछ सवाल है मेरे, तुम
जवाब दोगी क्या।
सुना है आज तुम माँ बन गयी हो,
बेटा हुआ है या बेटी बताओगी क्या।
जो नाम सोचे थे हम दोनों ने मिलके,
वही नाम रख दोगी क्या।
शादी में तो बुलाया नही,
मगर क्या, अब याद करोगी क्या।
और आज याद आ रही है तुम्हारी बहुत,
तुम फ़ोन मिला कर कुछ देर बात करोगी क्या।
अकेला हु घर मे, डर भी लग रहा है,
तुम आकर मेरे माथे को सहलाओगी क्या।
अब तो तुम उसकी हो चुकी होगी,
अब मुझको वक़्त दे पाओगी क्या।
तुम हम बिस्तर भी हुई हो उसके साथ,
मगर फिर भी मेरे पास आओगी क्या।
मुझे फर्क नही पड़ता तुम माँ बन गयी हो,
मुझको फिरसे पहले जैसे चाहोगी क्या।
शेर-
भले ही तुम हम-बिस्तर हुई हो उसके साथ,
मुझको फर्क नही पड़ता।
और आ जाओ मेरे पास वापस तुम,
मुझे अब डर नही लगता।
-【Shubh Tripathi】©