आज़ मेरे जनाजे में काफ़ी लोग आएं हैं
उसमें से कूंच लोग अच्छे हैं
तो कूंच लोग मुझे ताने मारने वाले भी आएं हैं
वो जीते जी तो मेरी मोहब्बत को समझ न सके ???
मगर अब वो मेरी तारीफ करने आएं हैं
वो जीते जी तो समझ न सके मुझे ??
अब वो मेरी कब्र पर मीट्टी डालने आएं हैं ।।
नरेन्द्र परमार ✍️