सभी देशवासियों को शुभ नाग पंचमी की हार्दिक शुभकामनाएं एवं बधाई ब्रह्मदत्त त्यागी हापुड़ एवं समस्त भक्तों की तरफ से ➖नाग पंचमी के विषय में जानें विस्तार पूर्वक ➖ ब्रह्मदत्त
नाग पंचमी वाले दिन अनन्त, वासुकी, पद्म, महापद्म, तक्षक, कुलीर, कर्कट, शंख, कालिया और पिंगल नामक देव नागों की पूजा की जाती है। ऐसे में इस दिन घर के दरवाजे पर सांप की आठ आकृति बनाएं।
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फिर हल्दी, रोली, चावल और फूल चढ़ाकर नागदेवता की पूजा करें। मिष्ठान का भोग लगाकर नाग देवता की कथा अवश्य पढ़ें। पूजा करने के बाद कच्चा दूध में घी, चीनी मिलाकर उसे लकड़ी पर रखें गए सांप को अर्पित करें।
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नाग पंचमी पूजा महत्व
मान्यताओं के अनुसार, नाग पंचमी के दिन नागों की पूजा करने से जीवन के संकटों का नाश होता है। मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है। ये भी कहा जाता है कि यदि इस दिन किसी व्यक्ति को नागों के दर्शन होते हैं तो उसे बेहद शुभ माना जाता है। इस दिन सांपों को दूध से स्नान और दूध पिलाने से अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है। अब आगे चर्चा करते हैं नाग पंचमी महुर्त एवं अन्य विषयों पर ➖ब्रह्मदत्त
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हिंदू पंचांग के अनुसार आज सावन माह की पंचमी तिथि है और इसी तिथि पर नाग पंचमी का पर्व मनाया जा रहा है। नाग पंचमी पर नाग देवता की पूजा की जाती है। यह दिन पूर्ण रूप से नाग देवता को समर्पित है। नाग पंचमी पर नाग देवता ही पूजा करने पर व्यक्ति की कुंडली में मौजूद कालसर्प दोष खत्म हो जाता है। मान्यता है नाग पंचमी के दिन नाग देवता की पूजा करने से सभी मनोकामनाएं जरूर पूरी होती हैं। पौराणिक काल से ही सांपों को देवताओं की तरह पूजा जाता है। ऐसी मान्यता है कि नाग की पूजा करने से सांपों के डसने का भय समाप्त हो जाता है। भगवान भोलेनाथ के गले में भी वासुकी नाग देवता लिपटे रहते हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार, नाग पंचमी के दिन नाग देवता की आराधना करने से भक्तों को उनका आशीर्वाद प्राप्त होता है और कई अन्य प्रकार के भी शुभ फल प्राप्त होते हैं। और अन्य मान्यताएं ➖ ब्रह्मदत्त
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नाग पंचमी का त्योहार सावन मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाते हैं। इस साल नाग पंचमी का त्योहार आज 2 अगस्त, मंगलवार को मनाया जा रहा है। नाग पंचमी के दिन महिलाएं नाग देवता की पूजा करती हैं। नाग पंचमी का दिन नाग देवता की पूजा के लिए शुभ माना जाता है। नाग पंचमी के दिन शिव व सर्वार्थ सिद्धि योग बनने से इस दिन का महत्व बढ़ रहा है। मान्यता है कि नाग पंचमी के दिन नाग देवता की पूजा करने से कालसर्प दोष से मुक्ति मिलती है।➖ ब्रह्मदत्त
आज नाग पंचमी तिथि एवं मुहुर्त इस प्रकार है ब्रह्मदत्त
नाग पंचमी के दिन शिव योग शाम 06 बजकर 38 मिनट प्रस्तुतकर्ता ब्रह्मदत्त त्यागी हापुड़