*जवानी हुस्न मेखाने लबो रुखसार बिकते हैं,*
*हया के आईने भी अब सरे बाज़ार बिकते हैं,*
*शराफत ज़र्फ हमदर्दी दिलों से हो गई रुखसत,*
*जहाँ दौलत चमकती है वहीं किरदार बिकते हैं,*
*हमारे रेहनुमओ को हुवा क्या है खुदा जाने,*
*ये दौर एसा है जिसमे क़ौम के सरदार बिकते हैं..*