मन (दोहा - छंद)
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मन के मत से मत चले,मन की बड़ी उड़ान।
बस में रखना मन सदा, बनी रहेगी शान।।
मन चंचल मन मनचला, मन होता चालाक।
मन की मर्जी जो चले, करता फिर बेबाक।।
मन की मन को ही कहे, मन में रखना बात।
मन मानी जो मन करे, दिन को कह दे रात।।
Uma Vaishnav
मौलिक और स्वरचित