दुःख उसको भी होते है
पर बताती नही है,
एक हंसी के पीछे दर्द
अपने छुपाती रही है,
खाना काम दिखने पर
कभी आधा खाया ,
कभी भूखी रहती है
पूछने मुझे भूख नही है,
अभी खाया है
कुछ ऐसे बहाने बनती रही है
हमारी हर छोटी से छोटी ख़ुशी
का ख्याल रखती है,
इन खुशियों में वो अपने
ख़्वाब भूल जाती है,
पैसे मांगने पर कभी खाली हाथ
नही लौटाया है,
तब हर बार पल्लू के एक छोर मैं बंधा
वो प्यार हम पर लुटाया है,
जब जब दुःख ने मेरे पास
आना चाहा,
उसने आँचल मैं छिपा के
हर बार बचाया है,
इतना सब करने के बाद भी
ना जाने क्यों ,जान ना पाया
पास रह कर भी दर्द उनके देख ना पाया
दूर होने पर अब बस दुःख दिखता है ।
अब हर हँसी ने पीछे बस दर्द मिलता है ।
From :- krnmahich