भक्ति - दोहे
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कृष्ण कृष्ण मन भज सदा, भज मन प्रभु का नाम।
सारी चिंता दूर हो , कर लो ये शुभ काम ।।
राम चरण की दास हूँ , सेवा मेरा काम ।
राम दर्श की आस है, मुख पर प्रभु का नाम ।।
राम मिले सब कुछ मिले, कर लो प्रभु को याद।
प्रथम काम ये कर सदा , बाकी इसके बाद।।
उमा वैष्णव
मौलिक और स्वरचित