तुमसे बात करना
मेरी तलब नहीं,
ना ही शौक़ है मेरा
ये जरूरत है मेरी
मेरे वजूद को बिखरने से
बचाये रखने के लिए
तुम्हारी आवाज़
मुझे तुम्हारे करीब होने का
एहसास कराती है,
अलग अलग जगह रहते हुए भी
मीलों की दूरियों के बावजूद भी,
हम एक दूसरे के बेहद करीब होते हैं, हमेशा!
हर पल, हर लम्हा अपने शब्दों के माध्यम से
तुम्हारी आवाज़
तुम्हें मेरे क़रीब होने का एहसास कराती है!
तुम्हारी बातों से,
ज़िन्दगी जीने का
हौसला मिलता है मुझे!
साथी मेरे ...
कहतें हैं प्रेम में अल्फाज़ो का क्या काम?
प्रेम मौन में महाकाव्य है,
पर तभी, जब रूबरू होके
निग़ाहों से बातें हो सकें
हमारे पास तो
तुम्हें महसूस कर पाने का
एकमात्र जरिया ही तुम्हारी आवाज़ है!
सुनो
कहीं भी रहना, कितनी भी दूर रहना!
बस आवाज भर की दूरी पर ही रहना.....