Hindi Quote in Poem by DrPranava Bharti

Poem quotes are very popular on BitesApp with millions of authors writing small inspirational quotes in Hindi daily and inspiring the readers, you can start writing today and fulfill your life of becoming the quotes writer or poem writer.

गीत
------
छम छम आकर शोर मचाते चिल्लर वाले दिन 
नयनों में कैसे मुस्काते चिल्लर वाले दिन -
आँगन की तरुणाई गाती थी तब गीत नए 
हाथों में ले हाथ सदा भरते संगीत नए 
जिधर गए तुम  पीछा करते चिल्लर वाले दिन 
सौ-सौ राग बजाते गाते चिल्लर वाले दिन ---
छम छम आकर शोर मचाते चिल्लर वाले दिन 
नयनों में कैसे मुस्काते चिल्लर वाले दिन 
छम छम आकर -----------------------
मौसम कोई  भी हो शहनाई का मौसम था 
मुस्कानें भरता रहता था कैसा बंधन था 
दृष्टि जहाँ जहाँ जाती है अब भी तुम तो हो 
स्मृतियों में घिर घिर जाते हैं चिल्लर वाले दिन 
छम छम आकर शोर मचाते चिल्लर वाले दिन 
नयनों में कैसे मुस्काते चिल्लर वाले दिन
 छम छम आकर शोर --------------------
साँसों के गलियारों में टहला करते कुछ गीत
तानों में सजती रहती थी मीलों लंबी प्रीत 
शाम पाहुनी आ जाती थी ,स्वागत का ले ढोल 
एक-एक सुर में ढलता था जीवन का संगीत
छम छम आकर शोर मचाते चिल्लर वाले दिन 
नयनों में कैसे मुस्काते चिल्लर वाले दिन   
छम छम आकर ------------------------
अब भी इठलाते ,गाते हैं टेर लगाते हैं
आँसू न भर आँखों में वो ये  समझाते हैं
पारिजात से झर झर जाते चिल्लर वाले दिन 
आँचल  में मेरे भर जाते ,बहला जाते  हैं
छम छम आकर शोर मचाते चिल्लर वाले दिन 
नयनों में कैसे मुस्काते चिल्लर वाले दिन 
 छम छम आकर शोर ------------  

डॉ प्रणव भारती

Hindi Poem by DrPranava Bharti : 111769781
New bites

The best sellers write on Matrubharti, do you?

Start Writing Now