बस तुम पे ही मरती हूँ
हाँ, मैं पागल लड़की हूँ।
तुमसे लड़ तो लेती हूँ
फिर मैं खुद से लड़ती हूँ!
वैसे तो ज़िद्दी हूँ मैं
फिर क्यूँ तुमको सुनती हूँ ?
जैसे कोई आयत हो
वैसे तुमको पढ़ती हूँ।
तुमसे मिलने की खातिर
जाने क्या-क्या करती हूँ!
जब तक बात न हो तुमसे
तुमको सोचा करती हूँ ।
राधा भी तो जलती थी!
मैं भी इश्क में जलती हूँ !
तुम कहते हो 'बुद्धू हो ?'
हाँ जी हाँ, मैं पगली हूँ!