अद्य भ्रातृद्वितीया(भाई दूज) पर्वास्ति।
अद्यतनं दिनं भगिनी भ्रातरं तिलकं करोति।
इदं पर्व भ्रातभगिन्यो: संबन्धं सुदृढ़ं करोति।
अद्यतनं दिनं कायस्थः जनाः चित्रगुप्तस्य पूजनं कुर्वन्ति।
अर्थः- आज भाईदूज का पर्व है।
आज के दिन को बहन भाई को तिलक करती है।
यह पर्व भाई बहन के संबंध को सुदृढ़ करता है।
आज के दिन कायस्थ लोग चित्रगुप्त की पूजा करते है।