आज एक लंबे अरसे के बाद,
मिलने वाले थें हम तुम,
बहुत कुछ कहना था तुमसे,
बहुत कुछ सुनना था तुमसे,
थोड़ा गुस्सा भी जरूरी था,
थोड़ा प्यार भी उभर रहा था,
इतनें में हीं एक चाई का कप,
हाँथों में थमा दिया और,
सब कुछ भुलाकर मुझे कहीं
चाई के नशे में उलझा दिया ।