. *“ख़ुशियों का कल्पवृक्ष"*
*आप का आज का दिन आनंद मंगलमय हो*
।।जय सियाराम जी।।
अपना और पराया क्या है,
मुझे तो बस यही पता है,
जो भावनाओं को समझे वो अपना,
और जो भावना से परे हो वो पराया,
जो दूर रहकर भी पास हो वो अपना,
और जो पास रहकर भी दूर हो वो पराया।
🙏*सुप्रभात आपका दिन मंगलमय हो*🙏🏻