शीर्षक: जीवन-फल
वक्त गुजर गया, देखते, देखते
जिंदगी थक गई, चलते, चलते
अनुभव कहते, ठहर ना, अभी
अपने भी साथ छोड़ देंगे, सभी
चल सकता तब तक, धीमे चल
बहुत कीमती होते, अंतिम पल
शाम की तरह ही, रात बन जाना
उगते सूर्य की तरह, अस्त हो जाना
उगना और अस्त हो जाना, जीवन सूत्र
जब तक साँस, तब तक चलना ही मित्र
भुला दिया जाता है , हर बिता हुआ कल
याद आया किसी को कोई, वो जीवन-फल
✍️ कमल भंसाली
-Kamal Bhansali