शीर्षक: मोहब्बत
जुनून नहीं, मोहब्बत, विश्वास है
दिल की, ये अजीब सी प्यास है
सितम बन जाती है, दूरियां
मोहब्बत की होती है, मजबूरियां
दिल की महफ़िल सजती, प्यार से
नग्मों में मिलती, मोहब्बत यार से
वफ़ा की चाह में, मोहब्बत सदा भटकती
बेवफाई के बादलों में, बिजली बन चमकती
मोहब्बत कुछ नहीं, एक जलवा है
समझों तो जिंदगी, नहीं तो छलावा है
✍️ कमल भंसाली
-Kamal Bhansali