"कभी कभी एक पत्थर अप्रत्यक्ष रूप से नींव का आधार होता है किन्तु इमारतों की खूबसूरती यह समझने लगती है किरदार उनका है , तिरस्कृत पत्थर एक दिन अपना स्थान बदल सबको मूल्यांकित कर देता है , यही प्रकृति संयोजन नियम भृंश है |" सुप्रभात 🙏आपसभी का दिन शुभ हो💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐
-Ruchi Dixit