शीर्षक: तुम्हारी राह देखते है
तुम्हारी राह देखते है, नजरों को भी समझाते हैं
चाहतों के इस दौर में, हर आहट पर मुस्कराते है
तुम्हारा आना, मौसम का मिजाज बताता
बहारों में, खुशबुओं के मिलन का राज बताता
कुछ, इस तरह तुम भी आलिंगन में समा जाना
इतंजार भी खूबसूरत होता, जान ले ये जमाना
फूल मुस्कराते गुलशन में, चाँद चमकता नभ में
यार हो अगर बाहों में, क्या कमी है, तब जीने में
✍️ कमल भंसाली
-Kamal Bhansali