Hindi Quote in Blog by Priyanka Patel

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नई जगह नए लोग,खामोश हूं में बोल रही खामोशियाँ।
चार दीवालों से निकलकर चली जैसलमेर के रेगिस्तान में,
चार दिन के इस सफर में जाने पूरा जहा जी आई में।।
रेगिस्तान की इस जमी पर रेत के सिवा ना दिखा।
इस रेत में भी मिला खूबसूरत सा सुकून ।।
4 अपनो के साथ गई थी,40 को अपने बनाकर लौटी हूं।
एक नए सफर में कुच नए दोस्त बनाकर लौटी हूं।।
सबकी अपनी सोच थी, सबका अपनी पहचान थी।
फिर भी हम सबने मिलकर बनाई एक नई पहचान थी।।
किसी ने चुप रहे कर अपना अंदाज बताया,
किसी ने बोल बोल कर हम सबको पकाया।
किसी ने अंताक्षरी में अपना रंग दिखाया,
किसी ने नाच कर अपना जलवा दिखाया।।
कुच मासूम से लोग भी थे इसमें, जिन्होंने सबका दिल जीत लिया।
भले ही लेट लतीफ़ थे वो,पर उन्होंने सबको पेट भर नास्ता खिलाया।।
"बोल माड़ी अम्बे" से सुरु कर "भारत माता की जय" ओर "हर हर महादेव" तक का जिन्होंने नारा लगाया।
उस "डेल्टा" ग्रुप ने कुच अपने अंदाज में अपना धमाका मचाया।।
किसी ने सबकी फ़ोटो खीच कर अपना सोख पूरा किया, तो किसी ने अपनी फ़ोटो सबसे खिंचवाकर अपना सोख पूरा किया।
बस इसी तरह से हम सबने अपने अपने अंदाज में इस ट्रिप का आनंद उठाया।।
अपनी नन्ही परिओ को छोड़कर दो माँ भी हमारे साथ आई थी।
उन्होंने सारी लड़कियों को एक प्रेरणा सी बात सिखाई थी।।
रात को भूत की कहानिया सुनकर मुझे डर थोड़ा सा लगा था।
लेकिन madam ने जैसलमेर की राजा-रानी की कहानी सुना कर जट से डर को भगाया था।।
Madam का "I wanna boom chick boom" ओर sir का "रम सम सम गीली गीली" वाला फॉर्मूला गजब का था।
वो हमारी सुबह की नींद ओर ठंडी भगाने का अब तक का सबसे मजेदार फॉर्मूला था।।
Volunteer थे हमारे इतने खड़ूस की हमे हँसकर डांट लगाई हैं।
परिवार के साथ ना होने पर भी अपनो के जैसा एहसास दिलाया है।।
इस सारे सफर को मजेदार बनाकर safely घर पहुँचाया है।
ऐसे भुराभाई आपको सबसे बड़ा सुक्रिया है।।
आंखों में कैद कर, दिल में समा लिया इन यादों को मैने।
Invincible का भाग बनकर खुद को किया अजेय मैंने।।

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