मौत के रंग से आकाश हुआ लाल है
डर से कांपता आज ये सारा संसार है।
स्वयं को क़ैद कर लिया है हम सभी ने
खुले आम विचर रहा वो क्रूर काल है।
कोशिशें जारी हैं काल से टकराव की
मुकाबले के लिए हम सभी तैयार है।
होगा ख़त्म ये काल नृत्य भी एक दिन
फिर मुस्कायेगा विश्व जो आज बेहाल है।
उम्मीदों के परों पर हौसलों की उड़ान है
साथ में हमारे खुद कालों का काल है।
मौत के रंग से आकाश हुआ लाल है
डर से कांपता आज ये सारा संसार है।