कितनी बार मन में यह विचार आता है कि, हमारे भोलेपन का लाभ उठाकर, इस संसार के लोग हमें केवल दुखी पहुंचाते हैं,
कितनी बार ऐसा लगता है कि, हम सब की सहायता के लिए पहुंच जाते हैं, पर सब हमें दोष ही देते हैं,
कितनी बार हमें ऐसा लगता है कि, हम केवल सब कर्म ही करते हैं, सब की भलाई ही चाहते हैं,
किंतु सब हमारे ही विषय में अनुचित बातें करते हैं दुख होता है- किंतु हम;
हमें कभी यह देखना चाहिए कि,
लोग जो हैं वह आम के वृक्ष पर पत्थर मारते हैं बबूल के वृक्ष पर नहीं क्योंकि;-आम के वृक्ष पर मिलते हैं मीठे, स्वादिष्ट फल,वही बबूल का वृक्ष हमें क्या देते हैं...?
केवल कांटा....
तो यदि आपको कोई ताने मार रहा है,आप पर दबाव बनाने का प्रयास कर रहा है,आप के विषय में अनुचित बातें कर रहा है,
तो कदाचित आप में ऐसा कुछ विशेष है;-
जो उनके पास नहीं है...
स्वयं को आत्मविश्वास से भर दीजिए
सकारात्मकता लाइए
और अपना कर्म करते जाइए
इस कटुता को मन में प्रवेश करने ही मत दीजिए;
"अब यह मन प्रसन्न रहेगा"....😊