हम अक्सर कुछ भी शुरू करने से पहले सोंच विचार करते हैं। एक सीमा तक यह ठीक है। कुछ करने से पहले एक योजना होनी चाहिए। किंतु बहुत अधिक सोंचना भी लाभदायक नहीं है। अक्सर आरंभ करने के बाद ही बहुत सी बातें पता चलती हैं। उस समय परिस्थिति के अनुसार उनसे निपटा जा सकता है।
इसलिए आरंभ करें क्योंकी बिना आरंभ के मंज़िल नहीं मिलती है।