हिमालय से ऊंचा साहस उनका, सर जो किसी के आगे ना झुका, मात्रिभुमी के खातिर किया सब अर्पन, ऐसे वीरो को मेरा नमन
भारत माता की जय
एक वीर जवान अपना सब कुछ छोडकर हमारे देश के लिए बलिदान देता है ।। आज उन शहीदों की बात करने जा रहा हु जो देश के सेवा में अपने प्राणों की आहुति देने से पीछे नही हटे। हमारे देशमे सेकड़ो दिप उन शहीदों की याद में जलाये जाते है जो हमेशा के लिए अमर हो गए। एक जवान अपना परिवार अपना शहर अपनी माँ को छोड़कर धरती माँ की रखवाली करने जाता है ।। बोहोत छे जवान ऐसे है जो वापस घर नही आये।। आज उन सभी जवानों के लिए दो लाइन कहना चाहूंगी ।।
फांसी का फंदा भी फूलो से कम न था
वो भी डूब सकते थे इश्क में किसी के
पर, वतन उनके लिए माशूक के प्यार से कम न था
आओ झुककर सलाम करे उनको,
जीनके हिस्से मे ये मुकाम आता है! खुसनसीब होता है वो खून,,
जो देश के काम आता है..
हरघडी अपने जान की परवाह किए बगैर सीमा ओ पर तैनात रहते है हमारे जवान सैनिक. उनकी कुरबानी को देश समाज और परिवार तहंऍ दिल से सलाम करता है उन शहीदो को याद करते श्रद्घा जंली अर्पण करते हुए हम शत शत नमन करते है! और उनके परिवार को भी दिल से भावनाओं के साथ यही हौसला दे ते है की सच्चे मन से शहिदकी विर गती को श्रद्धांजलि अर्पित करे!!
चले गए जो हसते हसते बांध अपने सर पे कफन! उन शहीदो की बली को मेरा शत शत नमन...। वीर जवान के नाम एक शायरी कहना चाहूंगी
खूब बहती है अमन की गंगा बहने दो
मत फैलाओ देश में दंगा रहने दो
लाल हरे रंग में ना बाटों हमको
मेरे छत एक तिरंगा रहने दो
_dil ni vaato