" सच्चा इश्क "
एक बार मोमबत्ती को अंदर से धागे ने कहा,
मैं जलता हूं तो तू क्यों पिघलती है..... ?
मोमबत्ती ने जवाब दिया.....
जिसको दिल में जगह दी वो जब बिछड़ता है तो....
आंसु खुद ब खुद निकल आते हैं।
एक बार समाने ईद-गिर्द डोलते परवाने से कहा,
मैं जलती हूं तो तू मेरे साथ क्यों जलता है......?
परवाने ने जवाब दिया......
जिसके साथ दिल लगाया वोही जल जाए तो....
मेरे जीने का कोई मकसद ही नहीं रहता है।
एक बार कमल के फूल ने भंवरे से पूछा,
क्यों डोलता हैं मेरे ईद-गिर्द....?
तुझे पता है सूरज के ओझल होने पर बंद हो जाऊंगा...
भंवरे ने जवाब दिया......
जिसके साथ मनका डेरा उसके भीतर ही रहूं तो अच्छा है,
अन्यथा जीते रहने का कोई आनंद ही नहीं रहता है।
✍️मनिष कुमार "मित्र" 🙏