*क्यों डरें की ज़िंदगी में क्या होगा* ,
*हर वक़्त क्यू सोचे की बुरा होगा* ,
*बढ़ते रहे हर वक़्त अपनी मंज़िल की ओर* ,
*ज़िंदगी में हमें कुछ मिले या ना मिले* ,
*पर , हर वक़्त में तजुर्बा तो नया होगा* !!!
*कौन जाने क्या पाप ,*
*क्या पुण्य* ,
*बस............*
*किसी का दिल न दुखे*
*अपने स्वार्थ के लिए* ,
*बाकी सब* ......
*कुदरत पर छोड़ दो*
*ना पैसा बड़ा.. ना पद बड़ा ।*
*मुसीबत में जो साथ खड़ा...*
*वो सबसे बड़ा ।।...*
*🌹जय सियाराम जी 🌹*