तू मुझमे है यू समा
कैसे मैं बया करू ।
मेरी हर सांस में नाम तेरा
कैसे मैं तुझे रिहा करू ।।
तू ना जाने इश्क मेरा
तुझे कैसे मैं समझाऊ ।
तेरी हर इक याद को
अब कैसे मैं छुपाऊ ।।
जो दिए थे वादे तुमने
उन्हे कैसे मैं भूलाऊ ।
देखे थे जो सपने साथ मे
अब उन्हे कैसे मैं सवांरू ।।
दिल चाहे अब बस तुझे
रब की ईबादत मिले ।
तू मांगे जो ढेर सारी खुशीया
उसमे मेरी दुवा मिले ।।
-Priyanka Kumbhar