ये आपकी लहर रही ज़ुल्फों की ख़ुश्बू क्या क़यामत है,
चाहने के अलावा दुनियाँ का दस्तूर में और बचा क्या है,
डॉ के जज़्बात या दिमागी दिक्कत का सिवा ये इम्तिहान का सबूत क्या है,
बस क़ैद हो आप मेरी आँखों के ख़्वाबोख्यालो में उससे बड़ी जुस्तजू क्या है।
DEAR ZINDAGI 😊