जिंदगी फिर वही जाना चाहती हैं
जहां जाना मुमकिन नहीं है
फिरसे खुल के हंसना चाहती है
पर जी भर के रोना भी यहां मुमकिन नहीं है
जी भर के जीना चाहती है
पर शायद वक्त साथ नहीं है.... Bindu 🌺
चाहती है कई सारी छोटी छोटी खुशियां
पर शायद अब जिंदगी को कोई हक नहीं
जुमना चाहती है, नाचना चाहती है, खुशी से कूदना चाहती है
पर अब शायद यह मुमकिन नहीं है
कई सारी ख्वाहिशें पाल रखी है
पर शायद अब यह मुमकिन नहीं है
बहुत कुछ है कहने को ...
पर शायद अब यह मुमकिन नहीं है
लोग कहते हैं जिंदगी है तो सब कुछ है
पर लगता है हमें कि शायद अपने तरीके से जीना मुमकिन नहीं है
क्यों यह सब मुमकिन नहीं है???
09:00 pm 20/11/20