खेताँ में थांके केसर निपजे।
कोठाँ में भरयो रेहवे धान।।
माँ लछमी थांके घरां बिराजे।
माँ सरस्वती बढावे थांको मान।।
गजानन्दजी रक्षा करे थांकी। याही अरज है म्हांकी।।
थाने और थांके सगला परिवार ने
म्हारे और म्हारा सगला परिवार री
तरफ सूं
धनतेरस, रूपचौदस, दिवाली, गोरधन व भाईदूज री घणी-घणी शुभकामना और बधाई।
।।जय सियाराम जी।।
हरि बोल राम राम सा जय श्री कृष्णा जय चारभुजा की
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