वाणी वन्दना के साथ .......शुभ प्रभात ..... मित्रों ! 🙏🏻🌹🙏🏻
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"शब्द - शब्द ग्रन्थ सार,
गीतों की सृजनहार,
शारदे भवानी माँ !
स्वर दे फिर एक बार ।
वर दे फिर एक बार ।🌹।
सरगम से सुर सँवार,
लय का कर दे शृंगार,
रागों से ताल मिला,
वीणा के छेड़ तार ।
शारदे भवानी माँ!
स्वर दे फिर एक बार ।
वर दे फिर एक बार ।🌹।
शब्दों में भर सुवास,
साँसों को दे आकाश,
आरोही - अवरोही,
मन्द्र- मध्य- मुक्त तार,
शारदे भवानी माँ!
स्वर दे फिर एक बार ।
वर दे फिर एक बार ।🌹।
'अरविन्द' अक्षर प्रकाश,
संगीतिका निवास,
निर्झर सुर सरिता से,
बहा जननि सरस धार,
शारदे भवानी माँ!
स्वर दे फिर एक बार ।
वर दे फिर एक बार ।🌹।"
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@ अरविन्द कुमार 'साहू'
(मोबाइल- 7007190413)
#Navaratri_kavyotsav
-- ARVIND KUMAR SAHU
https://www.matrubharti.com/bites/111593755