जय हो इष्टदेवाय शामलाराय जी ,शामलाजी के चरणों में निवेदनार्थ ..
# कविता ***
काली धटा बन कर ,दिल को भीगोया करें ।
सुदंरता का खजाना बन ,दीदार दिया करें ।।
कोयल से सुरीले कंठ से ,दिल रिजाया करें ।
अंखियों ही अंखियों में ,बतीयाया करें ।।
अपना श्याम सुदंर सा ,मुखडा दिखाया करें ।
अधरो ही अधरों में ,मुस्कराया तुम करें ।।
मीठी बांसुरी की ,तान मुझको सुनाया करें ।
एक आवाज पर ,आप दौड़ आया भी करें ।।
इस जीवन को ,सुखमय मधुबन बनाया करें ।
नित भक्ति की ,ज्योत दिल में सदैव जलाया करें ।।
मुरलीधर मुझको ,अपने चरणो की दासी बनाया करें ।
तेरे बिन अब दिल कही , मेरा दिल लगता नही ।।
इस दिल को तुम ,रोज खिलखिलाया करें ।
तेरे द्वार तक आ सकुं ,ऐसी शक्ति दिया करें ।।
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