*🌹समय से पहले बोले गए शब्द और मौसम से पहले तोड़े गये फल दोनों ही व्यर्थ होते हैं।यदि आपको विश्वास है कि आप सही कर रहे हैं फिर भी लोग आपकी आलोचना करते हैं तो चिंता मत कीजिए और याद रखिए हर खेल में दर्शक ही शोर करते हैं खिलाड़ी नहीं।
🌹🙏शुभ प्रभात जी, जय सियाराम जी🙏*