बरसों तक तेरे इंतजार में, तरस गए हम
न कभी धूप देखी ना छाव,
ना बारिश और ना ही सर्दी,
बस देखा तो सिर्फ एक रास्ता जिसकी मंजिल सिर्फ तुम थे,
बावरी होकर सबको तेरा पता पूछती,
और सब मुझ पर हंसने लगते
आखिर में आज मेरे बरसों का इंतजार खत्म हुआ,
तुम आ तो गए लेकिन ,अपनी शादी का न्योता देने।