#तत्काल
जब भी हमारे सामने कोई घटना घटती हैं तब हमारी तत्काल प्रतिक्रिया हमने जो देखा और महसूस किया उस पर होती है और ज्यादातर लोग उस घटना या प्रसंग आधार पर उसका अच्छा या बुरा विश्लेषण करते है । जबकि कई घटना या प्रसंग के पीछे तत्कालीन या दूर के भूतकाल की घटना/ घटनाएं का असर होता है जिससे हम अनजान होते है । जैसे की, क्लास रुम मे दाखील होते समय शिक्षक एक विद्यार्थी को दुसरे विद्यार्थी को परेशान करता देख उसे दोषी मानते हैं जबकि उनकी गैरमोजुदगी मे दुसरे ने पहले को तंग किया हो? तत्कालीन घटना मे पत्नी को पिटते देख हमारी तत्काल प्रतिक्रिया या कहो की संवेदना पत्नीकी तरफ रहती है... बेचारी! पर ये भी हो सकता है पति की अनुपस्थिति मे पत्नी द्वारा उसकी सास के साथ अनुचित व्यवहार किया जाता हो या अन्य किसी तरह का अव्यवहार किया गया हो । ऐसी रोजमरोज के कई किस्से होते है जिसे के पिछले अंक से हम वाकिफ़ नहीं होते हुए प्रत्यक्ष घटना के आधार पर हम अपनी प्रतिक्रिया देते है । बाद में भी अगर हमे असलियत पता चलने पर भी हमारे विचारों पर प्रत्यक्ष घटना का ज्यादा असर होता है। जैसे, फिरभी उसे ऐसा नहीं करना चाहिए एसा कह देते है । इसके पीछे कदाचित हमारी अपनी गलत प्रतिक्रिया का बचाव ही जिम्मेदार दार होता है ।
जब तक हो सके अपने विचार, विश्लेषण, प्रतिक्रिया पर तत्काल घटीत घटना का प्रभाव पड़ने न दे।
# rambin