भूत जरूर होते होंगे नहीं तो ये शब्द आता ही कहां से।
देखो सीधा सा हिसाब है अगर भूतो को संसार में आजादी से घूमना फिरना है तो उन्हें भी टैक्स देना होगा, आधार कार्ड बनवाना पड़ेगा, पासपोर्ट होना तो जरूरी है ही उनके लिए और सबसे खास बात वे अंधश्रद्धा को प्रमोट नहीं कर सकते अगर ऐसा करते है तो उन पर कड़ी कारवाही होगी।
हां, यदि अगर उन्हें सरकार की तरफ से मिलती योजनाओं के लाभ चाहिए तो हमें कोई दिक्कत नहीं है परन्तु लाइन में खड़े रहना होगा।
नियम तो नियम है ना।
🤪🙏
#Ghost
-- Kirtipalsinh Gohil
https://www.matrubharti.com/bites/111517808
उपरोक्त विचार को लेके मन में जो विचार आया वो यहाँ प्रस्तुत करता हूं...
जिसके पास आधारकार्ड नही है वो लोग तो इन्सान है। इन्सान कहा लाइनमें खड़े रहते है? वो इन्सान को टैक्स भी नही भरना होता है। वो सारे नियम इन्सानके लिए हैही नही। स्पष्ट शब्दमें काहू तो जैसे मेरे लिए सारे नियम है, क्युकी मैं, उन लोगोके लिए, इन्सान ही नही हु। इसशे ज्यादा स्पष्ट करनेके लिए अल्फाज नही है। क्यूंकि शब्द इन्सानोके लिए ही अमर्यादित रहते है।
आखिरकार उन इन्सानोके लिए हम कौन? इन्सान या फिर..?
#भूत