# गजल ***
# रदीफ़ .कर ***
मंजिलों की शर्त है,बस मुश्किलों से प्यार कर ।
जीवन बस दो दिन का ,समय का इंतजार कर ।।
वादे निभाना सीख जा ,दिल को मिलाया कर ।
जातपांत के बंधन छोड़ ,दिल को मिलाया कर ।।
प्रेम तो ईश्वर की अमानत है ,इस बात को कबूल कर ।
प्रेम के नाम जिदंगी ,अपनी निसार कर ।।
शिकवेगिले भुला कर ,दिल किसी पर न्यौछावर कर ।
नयनों की भाषा समझ कर ,दिल को खुशहाल कर ।।