कई शर्तो पर जिन्दा रख्खा है खुद को ,
जिसमे दुश्मनी भी शामिल है निरासा ,
और पराजय से | किन्तु, जीतने का अर्थ
मेरे अस्तित्व की जीत है , समझौता नही |
जनून की आग मे मिटने की बेवकूफी,
नही की कभी | हाँ ! मिलकर प्रभावित तो बहुत हुई |
जिन्दा रख्खा है खुद को , खुद की शर्तो पर,
रास्ते बदल लिए मैने ! जहाँ मूल्य माँगा जाता था आगे बढ़ने पर |
जीतना जरूरी नही है ,जिन्दा रहने के लिए ,
किसी एक लक्ष्य को लेकर , जरूरी है तो खुद को कायम रखना जूझने के लिए|
अक्सर बातियाति हूँ ,अपनी हिम्मत से , कभी कोसती है मुझको , मना लेती हूँ झट से , बस उसके कानो मे कुछ शब्द कहकर ,
तू सच्ची हमसफर है मेरी ! ये जिन्दगी तुझसे प्यारी नही,
जिन्दा हूँ अभी तक मै , बस इसी शर्त पर |
#ज़िंदा