हर रात मेरे लिए एक क़यामत सी होती है,
मेरी नींद और मेरा चैन दोनों निकलते हैं..
मेरे तुम्हारे बीच के उन हसीन लम्हों को खोजने,
जो हर एक वक्त जीना दुशवार कर चुके हैं..
लेकिन उन लम्हों का कहीं पता नहीं चलता
और ना ही मेरी नींद और चैन वापस आते हैं,
बल्कि आ जाती है एक नई शूबह पैग़ाम लिए
अगली रात का जो मुझे देती है ज़ख्म..
मै,मेरे खयाल और मेरे साथ की तुम्हारी यादें
और उन जख्मों को कुरेदती ये तनहाई।।
..रॉयल✍️