Hindi Quote in Motivational by Atul Kumar Sharma ” Kumar ”

Motivational quotes are very popular on BitesApp with millions of authors writing small inspirational quotes in Hindi daily and inspiring the readers, you can start writing today and fulfill your life of becoming the quotes writer or poem writer.

#थोड़ा_है_थोड़े_की_जरूरत_है

ये सच इंसान की आवश्यकताओं का कोई अंत नही । परन्तु उससे भी बड़ा सच ये है कि यही आवश्यकताएं इंसान में उन्नत्ति और विकास की इक्छा जगातीं हैं । यदि थोड़े में संतोष हो जाये तो इंसान एक जगह ठहर जाता है । कर्म प्रधान समाज के लिए ये परम् आवश्यक है कि थोड़ा है थोड़े की जरूरत है वाली अवधारणा को महत्व दिया जाए । परन्तु यहां भी सावधान रहने की जरूरत है कि थोड़े की जरूरत के लिये हम सार्थक प्रयत्न करें । गलत रास्तों से थोड़ा नही बहुत कुछ आता है पर वो बहुत कुछ हमसे सबकुछ छीन भी लेता है । आवश्यकताओं की पूर्ति किजिये पर पुरुषार्थ करके । स्वयम को सिद्ध करके जो प्राप्त किया जाता है वो स्थिर रहता है और ना भी रहे तो आप पुनः अपने अनुभव से उसमे जान फूंक सकते हैं । उसे दोबारा प्राप्त किया जा सकता है । मार्ग हमे चुनना है । प्राथमिकताएं हमे तय करनी हैं । पैसा सबकुछ नही पर सबकुछ से कम भी नही । ये आपको आपके होने का एहसास दिलाता है ।

शौक हर इंसान के होते हैं । और उन्हें पूरा भी करना चाहिए । हर जगह पैसा बचाने वाली अवधारणा सही नही होती । जीवन छोटा सा है जब जाएं तो मन मे ये मल्लाल ना रहे कि ये नही कर पाए वो नही कर पाए । पर कीजिये स्वयम की योग्यता की बूते । बचत भी आवश्यक है पर उचित जगह पर । अनावश्यक बचत उस इंसान के काम कभी नही आती बल्कि बाद वाले उस बचत का लाभ लेते हैं । इससे अच्छा अपने जीवन काल मे उसका उचित दोहन किया जाए । सभी जिम्मेदारियां सही तरह से पूर्ण कर फिर क्यों ना थोड़ा अपने लिए जिया जाए ।

इसलिए थोड़े की चाह हमेशा रखिये । क्योंकि यही चाह आपको निरन्तर चलायमान रखती है । वह सब कुछ देती है जो आपके लिए सपना है । अपने छोटों में संतोष किभावना मत भरिये । ये सन्तोष ही जड़ता है ।

जिस दिन पैसा होगा वो दिन कैसा होगा । इसे रहस्य मत रहने दीजिए बल्कि इस रहस्य को भेद डालिये । वो दिन कैसा होगा ये देख डालिये ।

थोड़े की चाह जरूरत हमेशा रखिये फिर देखिए जिंदगी और भी खूबसूरत होगी ।

अतुल कुमार शर्मा "कुमार"

Hindi Motivational by Atul Kumar Sharma ” Kumar ” : 111471768
New bites

The best sellers write on Matrubharti, do you?

Start Writing Now