इक बुलबुला सा दोस्ताना तु ,
मुजमे ओर मैं आब ए हयात हुं
====={}======{}=======
टुटकर गीरते है फूल खीजाँ में
वोह क्या करे ,जीनको बहार नही
====={}======{}=======
मैं राजी हुं ,पर तेरी रजामंदी नही
फीर नाराजगी का अलम पराया है
====={}======{}=======
कभी नाराज मैं नही, हुं हुं से परे
इक ,दिल्लगी तसल्ली के लीए
====={}======{}=======
रुह ए मस्त सराबोर हकीकी हुश्न ,
बेबयाँ लबोसे ,इतमीनान है खुद
====={}======{}=======
हक़ है हकीकत है, हकीकी मे
बीना चाहे मिले ,वेह ईबादत में
मिला हर पल हसीन हुश्न जिंदगी
खबरदार वोह ,महेफुस रहेमत में
======{}======{}=======
ख्वाईश ए दिल ,खुशनुमा
इक नई सहर ,नई नजर
मिलेगा नूराना आईना भी
तस्वीर ए दिल ,दिलदार नजर
====={}======{}=======