हे मानव!
स्वार्थ छोड़ दे,
कुकर्म से हट कर,
सुकर्म से रिश्ता जोड़ दे,
वयर्थ चिंता न कर,
स्वार्थ छोड़ दे,
सद्भावना अपना,
लालसा सबकुछ पाने की छोड़ दे,
झूटी तेरी शान है, झुटा तेरा है ईमान,
एक बार सच्चाई कि तरफ मुंह मोड़ तो दे
तब खुद तू अपना स्वार्थ छोड़ देगा,
सब दुनिया के जीव को शांतिपूर्ण से जीने देगा,
मेरी बात को एक बार मान तो ले,
सिर्फ इस स्वार्थ को छोड़ दे।
#शांतिपूर्ण