किसी बात से दुःख हुआ,
भूल जाओ, #आगे बढ़ो।
किसी ने दुःख पहुंचाया,
क्षमा करो, #आगे बढ़ो।
किसी बात से सुख मिला,
उसमें उलझो मत, #आगे बढ़ो।
किसी सफलता से सुख मिला,
उस पर अटको मत, #आगे बढ़ो।
#आगे बढ़ना ही जीवन है।
रुकना, उलझना,
अटकना जड़ता है,
जड़ता में चैतन्य नहीं।।
चैतन्य रहो #आगे बढ़ो।।