वो दुपट्टा जो कभी तुम्हें छूकर गुजरा था, उसे मैंने संभाल कर रख लिया है। वैसे तो वो मेरे पसंदीदा दुपट्टों में से एक है, मगर अब उससे ज़्यादा पसन्द कुछ भी नहीं।
हाँ! मैं अब उसका इस्तेमाल नहीं करना चाहती।
क्योंकि खूबसूरत इंद्रधनुष के रंगों से ज़्यादा रंगीन यादें हैं उसमें, जो उसके महीन धागों से भी ज़्यादा महीन हैं, और उसमें ऐसे बस चुकी हैं कि जिन्हें छू भर लेने से मेरी रूह रंगीन हो जाती है।
मैं जानती हूँ तुम इन सब बातों में यकीन नहीं करते।
मगर मैं करती हूँ, और मेरा यकीन ही है जो आज भी मुझे तुमसे जोड़कर रखता है।
अच्छा छोड़ो ये सब.. मेरी बातें कहाँ ख़त्म होती हैं..❤️❤️
#रूपकीबातें #roopkibaatein #roopanjalisinghparmar #roop