इतने सारे उठा गम चुके थे हम
ज़िंदगी से बहुत नाराज थे हम
चले थे उसे अलविदा कहने
खड़े थे गहरी झील के किनारे
पानी में अपना तैरता चेहरा दिखा
उसने हम से एक सवाल किया
आगाज के पहले अंजाम क्यों दे रहे
तभी किसी ने कुछ पत्थर फेके
साया भी तरंगों में बिखर गया
एक नयी शुरुआत के लिए
हमारे कदम फिर लौट पड़े .
= शुरुआत
#Onset